पूरी बॉडी को फिट रखने के लिए करें ये 4 आसान एक्सरसाइज
भागदौड़ भरी लाइफ में फिट रहना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में खुद को फिट रखना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास जिम जाने का समय नही है। तो हम आपको 4 ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप रोजाना कर सकते हैं। इससे आपकी बॉडी फिट रहेगी। यह आपके लिए बेस्ट एक्सरसाइज है।
क्रंचेज
एब्स पैक निकालने के लिए क्रंचेज करें। इसके लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जायें और पैरों को सीधा फैला लें। सिर के पीछे हाथों का सहारा देकर शरीर के ऊपरी भाग को उठायें। एब्स के लिए यह सबसे बेहतर व्यायाम है।
स्क्वाट
पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए यह बेहतर वर्कआउट है। यह कई तरह का भी होता है। इसके नियमित अभ्यास से पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
पुशअप्स
चेस्ट, कंधे और रीढ़ को मजबूत बनाने के लिए रोज पुश-अप्स करें। पुश-अप्स करने से सीना चौड़ा भी होता है। यह सांसों की बीमारियों को भी दूर करता है।
स्प्लिट स्क्वाट
इसे करने के लिए पहले लंच की स्थिति में आयें, इसमें एक पैर पीछे की तरफ होता है और दूसरा पैर आगे की तरफ 90 डिग्री मुड़ा होता है। दोनों हाथों को कमर पर रखें, फिर दोनों पैरों के सहारे कमर को ऊपर उठायें, एक पैर से इसे 10 बार दोहरायें, फिर यही क्रिया दूसरे पैर से भी करें। इस वर्कआउट को शुरूआत में बिना डंबेल करे करें बाद में डंबल लेकर करें।
स्लिम और फिट दिखना चाहते हैं तो आजमाएं ये 5 टिप्स
स्लिम और फिट व्यक्ति को देखकर आपको भी थोड़ी बहुत ईर्ष्या तो जरूर होती होगी। आपके मन में भी होता होगा कि आप भी क्यों न फिट रहें। तो अगर आप भी स्लिम-ट्रिम और फिट दिखना चाहते हैं? तो इन 5 टिप्स को अजमाइए और स्वस्थ्य जीवन पाइए।
ब्रेकफास्ट में शामिल करें ये फूड
फिट रहने वाले प्रतिदिन सुबह ब्रेकफास्ट जरूर करते हैं। नाश्तें में दही, फ्रूट जूस, अंडे, बादाम आदि का को शामिल करें। यह आपको पूरे दिन ताकत मिलेगी और आप फिट रहेंगे। खाने में प्रोटीन युक्त फूड का सेवन आपकी मसल्स को बनाएगा और स्लिम रखेगा।
भरपूर नींद लें
अगर आप जिम करते हैं या कोई भी शारीरिक मेहनत करते हैं तो भी भरपूर नींद लेना जरूरी होता है। कम से कम 6-7 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन्स का लेवल कम होता है।
रेगुलर एक्सरसाइज
फिट रहने के लिए प्रतिदिन एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहेगा। इसके अलावा तनाव मुक्त रहने के लिए योग, प्रणायाम करें। अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो इन टिप्स को जरूर अपनाएं।
खाने में लें हाईफाइबर फूड
स्लिम-ट्रिम और फिट रहने के लिए ऑयली चीजों के बजाए हाईफाइबर फूड लेना चाहिए। पत्तागोभी, फूलगोभी, पालक, मेथी, चना, मूंग आदि फूड फाइबर युक्त होते हैं। ऐसे आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।
ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी
फिट रहने वाले लोग सुबह की चाय में दूध और शक्कर को अवॉइड करते हैं, इसकी जगह ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी लेते हैं। इस बॉडी बॉडी मेनटेन रहती है। इसके अलावा शरीर को डिटॉक्स करने के लिए पानी का भरपूर सेवन करें।
भीगे बादाम से भी ज्यादा फायदेमंद है भीगे चने, जानिए कैसे?
भीगे बादाम हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, यह बात तो हम सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीगे चने भीगे बादाम से भी ज्यादा फायदेमंद होते है। शायद आपको यह सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा, लेकिन यह सच है। भीगे चने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, फैट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन व विटामिन्स पाए जाते हैं। जिससे यह सस्ती चीज बड़ी से बड़ी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। साथ ही इससे खून साफ होता है जिससे सुंदरता बढ़ती है और यह दिमाग भी तेज करता है। अगर आप मोटापा कम करने की कोशिश कर रहे है तो नाश्ते में रोजाना भीगे चने का सेवन करें।
1. इम्यूनिटी में मजबूती
शरीर को सबसे ज्यादा पोषण भीगे काले चने से मिलते हैं। चनों में बहुत सारे विटामिन्स और क्लोरोफिल के साथ फास्फोरस आदि मिनरल्स होते हैं जिन्हें खाने से शरीर को कोई बीमारी नहीं लगती है। रोजाना सुबह के समय भीगे चने खाने से आपको बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। इसके लिए काले चनों को रातभर भिगोकर रख लें और हर दिन सुबह दो मुट्ठी खाएं। कुछ दिनों में आपको फर्क महसूस होने लगेगा।
2. डायबिटीज से बचाव
अगर आप डायबिटीज से परेशान है तो अपने आहार में भीगे चनों को शामिल करें। 25 ग्राम काले चने रात में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से डायबिटीज दूर हो जाती है।
3.एनर्जी से भरपूर
अगर आप पूरा दिन एनर्जी से भरपूर रहना चाहते हैं तो शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए भीगे चनों में नींबू, अदरक के टुकड़े, हल्का नमक और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं।
4. पुरुषों के लिए फायदेमंद
सुबह खाली पेट काले चने खाना पुरुषों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। चीनी के बर्तन में रात को चने भिगोकर रख दे। सुबह उठकर चनों को अच्छे से चबा-चबाकर खाएं। इसके लगातार सेवन करने से वीर्य में बढ़ोतरी होती है और वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है। यानी पुरुषों की कमजोरी से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
5. पेट की समस्याओं से राहत
चनों को रातभर पानी में भिगो दें। फिर सुबह चनों से पानी को अलग कर उसमें अदरक, जीरा और नमक को मिक्स करके खाये। चनों को इस तरह से खाने से कब्ज और पेट दर्द से राहत मिलती है।
क्या आप जानते हैं सुबह-सुबह बिना चप्पलों के हरी घास पर चलने फायेदें
सुबह के वक्त की सैर सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है। लेकिन अगर सुबह की सैर आप हरियाली यानी हरी घासों पर करें और वह भी नंगे पांव तो उसके बड़े ही फायदे है। नंगे पैर घास पर चलना आपके स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद है।
तन-मन-धन तीनों की सुरक्षा चाहते हैं, तो आपके लिए सुबह शाम चलना बहुत जरूरी है। सुबह-शाम की नियमित सैर करने से आपका शरीर सक्रिय रहता है। शरीर के सक्रिय रहने से मूड अच्छा रहता है।
मूड अच्छा रहने से बीमारियों की गिरफ्त में आने की आशंका कम होती है
तनाव होता है कम-
आप जितनी देर और जितना ज्यादा हरियाली के बीच रहेंगे, उतने ही स्वस्थ और तनाव रहित रहेंगे। घास पर नंगे पांव चलने से धीरे-धीरे मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और तनाव रहित बनाता है। साथ ही ग्रीन थैरेपी से मस्तिष्क की शक्ति भी बढ़ती है।
मधुमेह में लाभ-
मधुमेह रोगियों के लिए हरी घास पर चलना और बैठना बहुत अच्छा माना जाता है। मधुमेह रोगी यदि हरियाली के बीच रह कर नियमित गहरी सांस लेते हुए टहलें तो शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति होने से समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है।
विटामिन डी की प्राप्ति-
कुछ समय से आस्टीओआर्थ्राइटस जैसी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ितों की संख्या में इजाफा हुआ है । डॉक्टर इसकी वजह लोगों की धूप में न जाने की आदतों को बताते हैं। क्योंकि सुबह जब हम धूप में चलते हैं तो सूर्य की किरणों से विटामिन डी प्राप्त होता है। जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं और कई बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो यह विटामिन आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है।
पांवों के लिए लाभदायक-
हरी घास पर चलना आपके पैरों के लिए भी एक एक्सरसाइज है। इससे आपकी मांसपेशियों, टखने आदि को आराम मिलता है। साथ ही यह घुटने के दर्द, पीठ के दर्द से भी आराम दिलाता है। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद हैं जो कि फ्लेट फीट वाले होते हैं
छींक, एलर्जी का इलाज-
ग्रीन थैरेपी का मुख्य हिस्सा है -हरी-भरी घास पर नंगे पैर चलना या बैठना। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत बेहतर माना जाता है जो पांवों के नीचे की कोमल कोशिकाओं से जुड़ी तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक राहत पहुंचाता है। घास पर कुछ देर तक बैठने, चलने से एलर्जी और छींक से भी मुक्ति पाई जा सकती है।
आंखों की रोशनी-
सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी तेज होती हैं। कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से आपका चश्मा उतर सकता है या फिर चश्मे का नंबर कम हो सकता है। ओस युक्त दूब घास हमारे लिए एक्यूप्रेशर का काम करती है। वैसे आंख की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन-ए की जरूरत होती है। यह पपीते में सर्वाधिक होता है। घास पर चलने से हमारे शरीर में मौजूद विटामिन-ए सजग हो जाते हैं। ओस युक्त घास पर चलने से शरीर में इंडार्फिंस फैलते हैं जो खुशी, ताजगी और प्रसन्नता को कायम रखने में सहयोग देते हैं
नींद अच्छी आती है-
पुरातन समय में माना जाता था कि घास पर नंगे पैरा चलने से अनिद्रा की बीमारी को दूर किया जा सकता है। वे मानते थे कि अगर शाम को नंगे पांव घास पर चला जाए, तो रात को चैन की नींद आती है। आज भी इस बात पर विश्वास किया जाता है।
विशेषज्ञ सेहत में सुधार के लिए प्रतिदिन 6000 कदम और वजन कम करने के लिए 10,000 कदम चलने की सलाह देते हैं।
क्या आप जानते हैं ? वज़न घटाने के घरेलू सरल उपाय !
हर किसी की चाहत होती है पतला दुबला दिखना। इसलिए वज़न कम करने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाएं जाते है कोई जिम जाता है, तो कोई डाइटिंग करना शुरू कर देता हैं, तो कुछ लोग उपवास रखना शुरू कर देते हैं। लेकिन यदि आप सही मायने में अपना वज़न कम करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए कुछ कारगार नुस्खें अपनाने की जरूरत है। कुछ घरेलू नुस्खें भी है जिनको अपनाकर आप अपना वज़न कम कर सकते है।
वज़न घटाने के घरेलू सरल उपाय
सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए ये अधिक खाएं। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।
रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।
खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक छिड़क कर खाएं। इससे आपको विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन एक साथ मिलेंगे।
रोज पपीता खाएं। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घटती है।
छोटी पीपल का बारीक चूर्ण कर उसे कपड़े से छान लें। इस चूर्ण को रोजाना तीन ग्राम मात्रा में सुबह के समय छाछ के साथ लें। इससे निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है और कमर पतली हो जाती है।
पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।
एक चम्मच पुदीना रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर लें। इससे मोटापा कम होता है।
सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।
सूखे आंवले व हल्दी को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें, कमर एकदम पतली हो जाएगी।
दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाएं। इसमें बराबर मात्रा में पानी मिलाएं और पिएं। ऐसा करने से 1 माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा।
मालती की जड़ को पीसकर उसे शहद में मिलाएं और उसे छाछ के साथ पिएं। प्रसव के बाद होने वाले मोटापे में यह रामबाण की तरह काम करता है।
ज़न कम-गोभी की सब्जी़ या उसके सूप को अपने भोजन में शामिल कर लें, इससे वज़न कम होता है क्योकि इस सब्जी़ में कैलोरी बिलकुल नहीं होती। हरे सलाद से वज़न कम
हरी चाय या अदरक की चाय पीने से मोटापा नियंत्रित हरी चाय या अदरक की चाय पीने से मोटापा नियंत्रित होता है। इसलिए दिन में एक बार हरी चाय या अदरक की चाय ज़रूर पीयें।
सुबह एक टमाटर खाने से कालेस्ट्राल का लेवल ठीक रहता है और शरीर में मौजूद वसा भी कम होती है।
गडूची से वसा नियंत्रित-मोटापे को नियंत्रित करने के लिए गडूची एक प्रभावित तरीका है। इससे शरीर मे मौजूद वसा कम होती है।
एलोवेरा खाकर वज़न नियंत्रित-एलोवेरा के पत्तों के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है। इसलिए एलोवेरा का सेवन रोज़ करना चाहिए।
सेब साइडर सिरके से वज़न नियंत्रित-सेब साइडर सिरके के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है।
ग्रीन टी पिएं-रात को सोने से पहले ग्रीन टी पीने से शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ता है। यही कारण है कि इससे रातभर आपका वजन कम होता रहता है।
खाना खाने के बाद गुनगुने पानी को पीने से वजन तेजी से घटता है। लेकिन खाना खाने के लगभग पौन या एक घंटे बाद एक ग्लास पानी का सेवन करना चाहिए।
कच्चे ये पके हुए पपीत का सेवन खूब करना चाहिए। इससे शरीर में अतिरिक्त चर्बी नहीं जमती और वजन तेजी से घटता है।
दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करना लाभदायक है।
छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के वक्त छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।
गरम पानी में नींबू का रस और शहद घोलकर रोज सुबह खाली पेट पिएं। इससे पेट सही रहेगा और मोटापा दूर होगा।
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो मोटापा घटाने के साथ-साथ चेहरे की झुर्रियों को भी दूर करता है। ग्रीन टी को बिना चीनी के पीने से इसका फायदा जल्द होता है।
एप्पल साइडर वेनिगर को पानी या जूस के साथ मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है। यह पाचन तंत्र को सही रखता है और कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है।
वाइन या बीयर पीते हैं तो इसे जरूर पढ़ें…
अगर आप वाइन और बीयर पीते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वाइन और बीयर की खुराक दिल की सेहत सुधार सकती है. यही नहीं, यह दिल की बीमारियों के कारण समय से पहले होने वाली मौत के खतरे को कम कर सकती है.
यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास और शैनडॉन्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है. शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन 8 साल तक 3,33,247 अमेरिकियों पर किया.
अध्ययनकर्ताओं का दावा है कि वाइन और बीयर का सेवन करने वाले लोग यदि इसका नियमानुसार कम अनुपात में सेवन करें तो यह उनके दिल की सेहत के लिए मददगार हो सकता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार मध्ययम अनुपात में वाइन और बीयर की खुराक, समय से पहले होने वाली मौत के जोखिम को 22 फीसदी कम कर सकती है. वहीं दिल की बीमारियों के चलते होने वाली मौत का खतरा इससे 29 फीसदी कम हो जाता है.
शोधकर्ताओं ने कहा कि किसी भी चीज की अति खतरनाक होती है. ऐसे में वाइन और बीयर की अत्यधिक मात्रा भी खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए इसका सेवन करने वाले लोगों को सही और गलत का फैसला करना होगा.
जरनल ऑफ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शराब का अत्यधिक सेवन करने के कारण कैंसर का खतरा 27 फीसदी बढ़ जाता है.
इन 7 चीजों को खाना तो शुरू करिए, खुद-ब-खुद घट जाएगा ,पेट की चर्बी
अगर आप ये सोच रही हैं कि बाजार में बिकने वाले किसी भी इंस्टेंट स्लिम करने वाले प्रोडक्ट को खाकर पेट की चर्बी घटा लेंगी तो आपको बता दें कि इन चीजों का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है. बाजार में बिकने वाले ज्यादातर उत्पादों में केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि आप बढ़ी हुई चर्बी घटाने के लिए नेचुरल तरीका अपनाएं. इस प्रक्रिया में कुछ समय तो जरूर लगेगा लेकिन इनके कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते.
1. लहसुन
लहसुन एक नेचुरल एंटी-बायोटिक है और शुगर को नियंत्रित करने का भी काम करता है. लहसुन शरीर में उन हॉर्मोन्स को सक्रिय करने का काम करता है जो फैट को जमने नहीं देते. अपनी डाइड में लहसुन को शामिल करके देखिए.
2. पुदीना
एक कप गुनगुने पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डाल लें. आप चाहें तो इसमें शहद की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं. पेट की चर्बी कम करने के लिए पुदीने का ये उपाय बहुत ही कारगर है.
3. दालचीनी
अगर आपके पास वजन घटाने के लिए ज्यादा दिन नहीं है तो दालचीनी का ये उपाय आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा. आप चाहें तो सुबह के नाश्ते के पहले और सोने से पहले इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. एक कप पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिला लें. इस पेय को रोजाना दो वक्त पीने से कुछ ही दिनों में आपको असर दिखने लगेगा.
4. सेब
आपने ये तो सुना होगा कि हर रोज एक सेब खाने से डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन शायद ही आपको पता हो कि सेब खाकर आप अपनी बढ़ी हुई चर्बी भी घटा सकते हैं. सेब में मौजूद पोटैशियम काफी देर तक भूख का एहसास नहीं होने देता. जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है.
5. ग्रीन टी
पिछले कुछ सालों में ग्रीन टी काफी लोकप्रिय हो चुकी है. ग्रीन टी में catechins नामक यौगिक पाया जाता है जो अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मददगार है.
6. केला
अगर आपको फास्ट फूड खाने की लत है और इसी लत ने आपको ये टायर दे दिए हैं तो आज से ही केला खाना शुरू कर दें. केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है. ये फास्ट फूड की क्रेविंग को कम करता है. जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है.
7. ओमेगा 3 से भरपूर चीजें
खाने-पीने की जिन चीजों में ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है, उनके सेवन से भी वजन कम करने में मदद मिलती है.
लहसुन के इस फायदे के बारे में जान के चौक जायेंगे आप।
लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसे खाने के अनेक हेल्दी फायदे भी हैं।इसे खाने से शरीर को विटामिन ए, बी और सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम व मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व मिलते हैं। यही कारण है कि इसके नियमित सेवन से शरीर ताकतवर व त्वचा चमकदार हो जाती है।
फेफड़े के रोग
लहसुन का सेवन करने वालों को फेफड़े के रोग नहीं होते। लहसुन एक शानदार कीटाणुनाशक है, यह एंटीबायोटिक दवाइयों का अच्छा विकल्प है, लहसुन से टीबी के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
दमा
लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करें। इससे दमा की शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
कॉलेस्ट्रॉल
रोजाना इसे खाने से आपका कॉलेस्ट्रॉल लेवल 12 प्रतिशत तक कम हो सकता है। यह ब्लड क्लॉटिंग को रोकता है, खून पतला करता है और रक्त प्रवाह सुचारू करता है।
स्कर्वी रोग
लहसुन में विटामिन सी होने से यह स्कर्वी रोग से भी बचाता है। यह आँतों के छिपे मल को भी बाहर निकाल देता है और कब्ज, गैस व एसिडिटी से मुक्ति दिलाता है।
बदन दर्द
100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के दाने व एक लहसुन की कलियां डालकर धीमी आंच पर पकाएं। लहसुन और अजवाइन काली हो जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें। तेल की मालिश करने से पहले इसे हल्का गर्म कर लें।इससे हर प्रकार का बदन दर्द दूर हो जाएगा।
मोटापे से परेशान
अगर आप थुलथुले मोटापे से परेशान हैं तो – लहसुन की दो कलियां भून लें उसमें सफेद जीरा व सौंफ सैंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। इसका सेवन सुबह खाली पेट गर्म पानी से करें। – लहसुन की चटनी खाना चाहिए और लहसुन को कुचलकर पानी का घोल बनाकर पीना चाहिए। – लहसुन की पांच-छ: कलियां भिगो दें। सुबह पीस लें। उसमें भुनी हिंग और अजवाइन व सौंफ के साथ ही सोंठ व सेंधा नमक, पुदीना मिलाकर चूर्ण बना लें। 5 ग्राम चूर्ण रोज फांकना चाहिए।
हाई बीपी से बचाए
कई लोगों का मानना है कि लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के लक्षणों से आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। साथ ही, लीवर और मूत्राशय को भी सुचारू रूप से काम करने में सहायक होता है।
डायरिया दूर करे
पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे डायरिया आदि के उपचार में भी लहसुन रामबाण का काम करता है। कुछ लोग तो यह दावा भी करते हैं कि लहसुन तंत्रिकाओं से संबंधित बीमारियों को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है, लेकिन केवल तभी जब इसे खाली पेट खाया जाए।
भूख बढाए
यह डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करता है और भूख भी बढ़ाता है। जब भी आपको घबराहट होती है तो पेट में एसिड बनता है। लहसुन इस एसिड को बनने से रोकता है। यह तनाव को कम करने में भी सहायक होता है।
श्वसन तंत्र को मजबूत बनाएं
लहसुन श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि की रोकथाम व उपचार में बहुत प्रभावशाली होता है।
अन्य लाभ
ट्यूबरकुलोसिस (तपेदिक) में लहसुन पर आधारित इस उपचार को अपनाएं। एक दिन में लहसुन की एक पूरी गांठ खाएं। टी.बी में यह उपाय बहुत असरदार साबित होता है।
खांसी और टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक हो जाती है।
लहसुन की दो कलियों को पीसकर उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ हो जाएंगे।
लहसुन की 5 कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।
लहसुन की अधिक मात्रा आपके स्वास्थ्य को हानिकारक प्रभाव भी दे सकती हैं।
लहसुन सांस में बदबू, मुंह, पेट या सीने में जलन, गैस, मतली, उल्टी, शरीर में गंध और दस्त का कारण बन सकता है।
लहसुन के गाढ़े पेस्ट का त्वचा पर उपयोग त्वचा को जलने की तरह नुकसान पहुंचा सकता है।
गर्भावस्था एवं स्तनपान करानेवाली स्त्रियों को वैद्यराज की देखरेख में लेवे |
लहसुन के सेवन से खून का बहाव ज्यादा होता है। इसलिए अनुसूचित सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले लहसुन का सेवन करना बंद कर दें।
लहसुन गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपको पाचन संबंधी समस्या हो तो लहसुन का प्रयोग सावधानी से करे|
अधिक कच्चा मुंह से लहसुन की एक बड़ी राशि लेने के बाद एक स्वस्थ आदमी में दिल का दौरा पड़ने की संभावना हो जाती है
जब डिटॉक्सिफिकेशन की बात आती है तो वैकल्पिक उपचार के रूप में लहसुन बहुत प्रभावी होता है। लहसुन शरीर को सूक्ष्मजीवों और कीड़ों से बचाता है। अनेक तरह की बीमारियों जैसे डाइबिटीज़, ट्युफ्स, डिप्रेशन और कुछ प्रकार के कैंसर की रोकथाम में भी यह सहायक होता है।
लहसुन के नुकसान
लहसुन की अधिक मात्रा आपके स्वास्थ्य को हानिकारक प्रभाव भी दे सकती हैं।
लहसुन सांस में बदबू, मुंह, पेट या सीने में जलन, गैस, मतली, उल्टी, शरीर में गंध और दस्त का कारण बन सकता है।
लहसुन के गाढ़े पेस्ट का त्वचा पर उपयोग त्वचा को जलने की तरह नुकसान पहुंचा सकता है।
गर्भावस्था एवं स्तनपान करानेवाली स्त्रियों को वैद्यराज की देखरेख में लेवे
लहसुन के सेवन से खून का बहाव ज्यादा होता है। इसलिए अनुसूचित सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले लहसुन का सेवन करना बंद कर दें।
लहसुन गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपको पाचन संबंधी समस्या हो तो लहसुन का प्रयोग सावधानी से करे|
अधिक कच्चा लहसुन लेने के बाद एक स्वस्थ आदमी में दिल का दौरा पड़ने की संभावना हो जाती है
पूरी बॉडी को फिट रखने के लिए करें ये 4 आसान एक्सरसाइज
Reviewed by Faadu Tech
on
11:03 am
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