क्या आपके पैर भी रहते है हर समय ठन्डे


क्या आपके पैर भी रहते है हर समय ठन्डे ठन्डे






क्या आपके पैर हर समय ठंडे रहते हैं, तो ऐसा आपके पैरों में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन के ठीक से नहीं पहुंच पाने के कारण हो रहा है. आइये इसके बारे में विस्तार से जानते है -


1-पैरों की एक्सरसाइज करने से भी आपको बहुत फायदा मिलता है. एक्सरसाइज करने के लिए दोनों पैरों की उंगलियों के भार पर एक मिनट तक खड़े होने के बाद धीरे-धीरे अपनी एडियों पर वापस जमीन पर आये. ऐसा 10 मिनट तक कीजिये. साथ ही आप इस एक्सरसाइज को भी कर सकते हैं जैसे अपने पैर के पंजे की मदद से जमीन पर पड़ा कोई रूमाल उठाने की कोशिश करें. इसके अलावा बैठकर दोनों पैरों के पंजों को क्लॉक वाइज 10-20 बार घुमाइये.


2-समस्या से बचने के लिए अदरक और ग्रीन टी को अपने नियमित दिनचर्या में शामिल करें. इसके लिए 2 कप पानी में अदरक के छोटे से टुकडे को 10 मिनट तक उबाल कर छान लें. फिर उसमें शुद्ध शहद मिलाकर दिन में 2 या 3 बार सेवन करें. इसके अलावा दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पिएं, लेकिन ध्यान रहें अगर आप ग्रीन टी में चीनी लेते हैं तो चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करें और दूध कतई न मिलाएं.


3-मैग्नीशियम ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करता है. इसलिए अपने आहार में मैग्नीशियम युक्त आहार जैसे पालक, चुकंदर, ब्रोकली, सीफूड, एवोकाडो, खीरा, बींस, आलू, साबुत अनाज, कद्दू के बीज, तिल के बीज और बादाम आदि को शमिल करें. इसके साथ ही आप मैग्नीशियम सल्फेट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एक टब में गर्म पानी लेकर, इसमें आधा कप मैग्नीशियम सल्फेट डालें. इस पानी में 15 से 20 मिनट तक पैरों को डुबोकर रखें. हफ्ते में दो बार इस उपाय को करने से आपको बहुत फायदा होगा. 

गीले बालो में ना करे कंघी

क्या आपको भी है भोजन के बाद मीठा खाने की आदत



अक्सर लोग भोजन के बाद मीठा खाने के शौकीन होते हैं. लेकिन, आपकी यह आदत भले ही आपके मुंह को 'जायकेदार' बना दे, लेकिन इससे आपको मोटापे जैसी बीमारी हो सकती है. 


1-अगर आप भी उन लोगों में शुमार हैं तो खाने के बाद मीठा खाते हैं, तो आपकी सेहत के लिए इस आदत को छोड़ना ही बेहतर रहेगा. खाने के बाद मीठा मोटापे को निमंत्रण दे सकता है. दरअसल, हमारे शरीर में लेप्टिन नाम का एक हॉर्मोन होता है, जिसका संबंध हमारी भूख से होता है. और भोजन के बाद मीठा खाने से यह हार्मोन उल्टे तरीके से काम करने लगता है, जिससे व्यक्ति को खाने का अंदाजा नहीं मिल पाता. 


2-जब हम भरपूर मात्रा में भोजन कर लेते हैं तो शरीर की फैट कोशिकाएं लेप्टिन हॉर्मोन का स्राव करती हैं. यह हॉर्मोन हमें पेट भरा होने का अहसास कराता है. इससे मस्तिष्क को इस बात का संकेत मिलता है कि अब हमें और भोजन करने की जरूरत नहीं है. 


3-शोधकर्ताओं के मुताबिक आमतौर पर वैज्ञानिक मानते रहे हैं कि मोटे लोगों में लेप्टिन हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है इसलिए उन्हें पेट भरा होने का अहसास नहीं होता. और इसी कारण वे अधिक भोजन कर लेते हैं. लेकिन, इस नए अध्यनयन में यह पाया गया है कि जिस व्याक्ति का वजन जितना अधिक होगा, उसमें लेप्टिन हॉर्मोन का स्राव भी उतना ही अधिक होगा.


घर को बनाये एलर्जी प्रूफ




: अदरक है बालो की अनेक समस्याओ का समाधानअदरक है बालो की अनेक समस्याओ का समाधान






चाय को कड़क और खाना को टेस्टी बनाने के साथ अदरक बालों की चमक लौटाने और बाल बढ़ाने में भी काफी मददगार माना जाता है. बालों की अनेक समस्याओं का एक ही हल है- अदरक. अदरक में मौजूद मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम और पोटेशियम बालों की खोई हुई चमक को लौटाते हैं साथ ही बालों को मजबूत और लंबा बनाते हैं.


2 चम्मच कद्दूकस अदरक में नींबू की बूंदे मिलाइए और बालों की मसाज करिए. मसाज के 15 मिनट बाद बालों को धो लीजिए. बालों का रुखापन दूर हो जाए.


2 चम्मच कद्दूकस अदरक लीजिए, उसमें 3 चम्मच ऑलिव ऑयल और एक-दो नींबू की बूंदे मिलाइए. इसे बालों की जड़ों में लगाकर 20 से 25 मिनट के लिए छोड़ दीजिए. ठंडे पानी से धो लीजिए. इस उपाय को सप्ताह में तीन बार अपनाइए. आपके बालों की समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी.


1 चम्मच कद्दूकस अदरक लीजिए और उसमें जजोबा या ऑलिव ऑयल मिलाइए. फिर इस मिश्रण को बालों के जड़ों में लगाइए और आधे घंटे के लिए छोड़ दीजिए. आधे घंटे बाद शेम्पू कर लीजिए. आप पहले ही वॉश में महसूस करेंगे की बाल कम टूट रहे हैं.


गर्भावस्था में न खाये कच्चा पपीता


अपने पैरो को बनाये खूबसूरतअपने पैरो को बनाये खूबसूरत


साफ़, सुन्दर, चिकने और मुलायम पैर सुंदरता और देखने वालों के आकर्षण दोनों को ही बढ़ा देते हैं. तो चलिए आज आपको पैरों को चमकता हुआ और आकर्षक बनाने के कुछ असरदार और सुरक्षित तरीकों के बारे में बताते हैं.


1-वैक्स करने से पहले व बाद में त्वचा को साफ जरूर करें, क्योंकि वैक्सिंग के बाद त्वचा पर संक्रमण होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं . ऐसा तब होता है, जब त्वचा पर बैठा बैक्टीरिया खुले रोमछिद्रों से त्वचा में प्रविष्ट कर जाता है . डिब्बे पर दिए निर्देश के अनुसार वैक्स को गरम करें. गरम करने के बाद गुनगुने पानी के टब या पतीले में रख कर वैक्स का प्रयोग करें. ध्यान रहे कि वैक्स के बाद त्वचा पर कैमोमाइल या एलोवेरा युक्त लोशन लगाएं. मुलायम व टैन फ्री त्वचा के लिए वैक्सिंग एक कारगर उपाय साबित हो सकता है, बशर्ते आपको वैक्सिंग का सही तरीका मालूम हो.


2-एक बार पैरों से अनचाहे बाल साफ कर लेने के बाद बारी आती है इनकी त्वचा को निखरने और स्मूथ बनाने की. तो ऐसे में नींबू एक कमाल की प्राकृतिक ब्लीच है जो कि त्वचा को निखारने में बेहद मददगार साबित होता है. चाहे यह आपकी बांह, कंधे, चेहरा या फिर पैर ही क्यों न हों, आप आप नींबू के रस से मासाज करें और अपने पैरों की टैनिंग को जल्द ही गायब कर लें.


3-तेल की मसाज न सिर्फ त्वचा के अच्छी होती है बल्कि हड्डियों को भी मज़बूत बनाती है. जब पैर रूखे और खराब दिखने लगें तो, उन्हें हल्के गुनगुने तेल की मसाज से नमी दीजिए. गर्म तेल ना सिर्फ पैरों को नम करेगा बल्कि डेड स्किन को भी साफ कर के पैरों को खिला-खिला बनाएगा. तिल का तेल पैरों की मसाज के लिए सबसे ज्यादा असरदार साबित होता है.


आयरन की कमी से भी लग सकती है...

: मसालेदार खाना खाने के बाद दूध पिने से हो सकता है नुकसान






मसालेदार खाने के तुरंत बाद दूध पीते हैं तो आपकी पाचन क्रिया इससे प्रभावित हो सकती है. दरअसल, दूध पाचन संबंधी एंजाइम्स को पतला कर देता है जिससे कि पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है.ऐसे में खुद दूध का प्रोटीन भी पच नहीं पाता जिससे कि अपच की समस्या हो सकती है. मसालेदार खाना न सिर्फ शरीर में एसिड का निर्माण बढ़ाता है बल्कि पेट की आंतों में भी जलन होने लगती है. और जब इसी मसालेदार खाने के बाद दूध पिया जाता है तो ये समस्या और बढ़ जाती है.


यहां तक कि खाने के बाद 15-20 मिनट तक तो आपको पानी तक नहीं पीना चाहिए. इससे भी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है. आप खाने के आख़िर में दही या फिर कर्ड राइस भी खा सकते हैं, ये एक प्रोबायोटिक की तरह काम करता है जो पाचन क्रिया में सहायक होता है.


कई लोगों को मसालेदार खाना खाने का शौक होता है. मसालेदार खाना स्वाद के लिए भले ही कितना भी अच्छा क्यों ना हो ये सेहत को नुकसान पहुंचाता है. ज्यादा मसालेदार खाने से पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे अल्सर हो सकता है. कुछ लोग तेल मसालेदार खाना खाने के बाद ठंडे दूध का सेवन करना भी पंसद करते है. अगर आपको भी यही आदत है तो संभल जाइयें. क्योंकि ये आपकी पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकती है. 


अस्थमा अटैक में पिए अजवायन की...



हल्दी दिलाएगी खर्राटों की समस्या से छुटकारा






नींद में खर्राटे लेने की आदत से आप न केवल अपने साथी की नाराजगी का शिकार हो सकते हैं, वरन इससे आपके शरीर पर अन्य बहुत से दुष्प्रभाव भी पड़ते हैं. अगर आप भी खर्राटों से हैं परेशान? तो यहां दिये रामबाण इलाज को अपनायें.


1-ऑलिव ऑयल एक बहुत ही कारगर घरेलू उपाय है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण की मौजूदगी श्वसन तंत्र की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में बहुत फायदेमंद होती है. साथ ही यह दर्द को कम करने में मदद करता है. एक आधा छोटी चम्मच ऑलिव ऑयल में सामान मात्रा में शहद मिलाकर, सोने से पहले नियमित रूप से लें. गले में कंपन को कम करने और खर्राटों को रोकने के लिए नियमित रूप से इस उपाय का प्रयोग करें.


2-इलायची सर्दी खांसी की दवा के रूप में काम करती हैं. यानी यह श्वसन तंत्र खोलने का काम करती है. इससे सांस लेने की प्रक्रिया सुगम होती है. रात को सोने से पहले इलायची के कुछ दानों को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पीने से समस्या से राहत मिलती है. सोने से पहले इस उपाय को कम से कम 30 मिनट पहले करें.


3-पुदीने में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो गले और नाक के छिद्रों की सूजन को कम करने का काम करते हैं. इससे सांस लेना आसान हो जाता है. सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर उससे गरारे करें. इस उपाय को कुछ दिन तक करने से आपको जल्द ही फर्क दिखाई देने लगेगा.


4-हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बायोटिक गुणों के कारण, इसके इस्तेमाल से नाक का रास्ता साफ हो जाता है जिससे सांस लेना आसान हो जाता है. रात को सोने से पहले रोजाना हल्दी का दूध पीने से खर्राटों की समस्या से बचा जा सकता है.


अनानास के छिलके भी है फायदेमंद




जले हुए तेल में न पकाये खानाजले हुए तेल में न पकाये खाना






खाना पकाने के लिए तेल महत्वपूर्ण होता है, लेकिन डीप फ्राई करने के बाद कड़ाही में बचे तेल का महिलाओं द्धारा बखूबी से इस्तेमाल, आहार विशेषज्ञों के अनुसार कैंसरस हो जाता है. जीं हां बार-बार तेल उबालने से उसमें कैंसर के कारक वाले तत्व आ जाते हैं. इससे गॉल ब्लैडर या पेट के कैंसर का खतरा पैदा हो जाता है.


खाना बनाने के लिए एक ही तेल का इस्तेमाल बार-बार होने से उसमें फ्री रेडिकल्स का निर्माण होने लगता है. जो कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है. साथ ही बार-बार तेल गर्म करने से उसकी गंध खत्म हो जाती है और उसमे एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी नहीं बचते जिसके चलते उसमें कैंसर पैदा करने वाले तत्व पैदा हो जाते हैं. और तो और ऐसे में जब इस तेल को दोबारा इस्तेमाल में लाया जाता है तो इसमें मौजूद तत्व खाने में चिपककर स्वास्थ्य के लिए खतरा बनने लगते हैं.


ऐसे खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. साथ ही एसिडिटी, दिल की बीमारी, अल्जाइमर और पार्किसंस समेत तमाम बीमारियों की आशंका बनी रहती है


तेल के उपयोग के समय इन बातो का रखे ध्यान -


ऑलिव ऑयल लो स्मोक ऑयल है इसलिए इसे डीप फ्राई के लिए इस्तेमाल न करें.


तेल का वास्तविक रंग बदलने पर उसे इस्तेमाल न करें.


एक साथ या एक बार में कई तेल एक साथ इस्तेमाल करने से बचें.


एक समय में एक ही तेल का उपयोग करें.


ज़्यादा पैन किलर खाना हो सकता है नुकसानदेह



रात को सोने से से पहले ज़रूर करे ये कामरात को सोने से से पहले ज़रूर करे ये काम






पूरे दिन या तो हम खड़े रहते हैं या फिर इधर से उधर भागते-फिरते हैं. जिसका नतीजा ये होता है कि हमारे पैर बुरी तरह थक जाते हैं. ऐसे में पैरों की मसाज न केवल आपको आराम दिलाने में मददगार हो सकती है बल्किम इससे आपके पैरों की खूबसूरती भी बनी रहेगी.


1- एक बड़े और गहरे बर्तन में गर्म पानी भर ले और इसमें किसी एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें मिला लें.


2- 10 से 20 मिनट के लिए अपने पैरों को इसमें डुबोकर रखें. इसके बाद पैरों को पानी में से बाहर निकालकर अच्छी तरह पोंछ लें.


3- अब एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाएं.


4-अपने दाएं पैर को बाएं पैर के घुटने पर रखकर बैठ जाएं.


5- एक छोटी कटोरी में गर्म तेल ले लें और उसे हल्के हाथों से पैर पर मलें. आप चाहें तो नारियल का तेल का तेल ले सकते हैं.


6- अब इस तेल से अच्छी तरह मसाज करें. उंगलियों को आगे-पीछे करके भी मसाज करें ताकि पूरे पैर को इसका फायदा मिले.


7- अब यही प्रक्रिया अपने बाएं पैर पर भी अपनाएं. 


किचन में छुपी है अस्थमे की दवा



पिपल्स को फोड़ना हो सकता है खतरनाकपिपल्स को फोड़ना हो सकता है खतरनाक






क्या आपके चेहरे पर पिंपल निकलता है तो आप उसे फोड़ देते हैं? अगर हां, तो आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिये चेहरे पर निकले मुंहासे को कभी फोड़ना नहीं चाहिये नहीं तो, चेहरे पर दाग पड़ जाता है और चेहरा बहुत ही ज्यादा खराब दिखने लगता है पिंपल को फोड़ने पर इंफेक्शन हो जाता है, 


1-जब आप पिंपल फोड़ते हैं, तो आप चेहरे पर एक गहरा घाव बना देती हैं, जिससे वह घाव समय के साथ बढ़ता चला जाता है और वह एक दाग का रूप ले लेता है


2-पिंपल फोड़ने से चेहरे पर लाल रंग के दाग बन जाते हैं, जो कि कई दिनों तक फूले नजर आते हैं यह दाग मेकअप से भी नहीं छुपते अगर चेहरे पर मुंहासे हैं, तो कुछ घरेलू उपायों को आजमाना चाहिये, जिससे वह जल्द से जल्द ठीक होना शुरु हो जाएं


3-रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से साफ करें एक चम्मच खीरे के रस में हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगा लें आधे घंटे बाद धो लें ग्वारपाठे के रस के नियमित सेवन से त्वचा के कई रोग खत्म होते हैं ग्वारपाठे का रस सीधे त्वचा पर भी लगाया जा सकता है इसे आधा कप सुबह शाम लेना चाहिए गर्भवती महिलाएँ इसका सेवन न करें


4-चंदन और हल्दी पावडर का पेस्ट दूध के साथ मिलाकर बना लें पानी के साथ घिसा हुआ जायफल भी पिंपल के इलाज में कारगर होता है


खुद से बनाये अपने चेहरे को धोने का पानी




: पाए चेहरे के सफ़ेद धब्बो से मुक्तिपाए चेहरे के सफ़ेद धब्बो से मुक्ति






अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोगों के चेहरे पर सफेद धब्बे बन जाते हैं. इन धब्बों की वजह से चेहरे की रौनक गायब हो जाती है. मेडिकल टर्म में इस समस्या को विटिलिगो के नाम से जाना जाता है.अगर आपको भी ये समस्या है तो आपके लिए राहत की सबसे बड़ी बात ये है कि इस परेशानी को घरेलू उपायों से दूर किया जा सकता है. ये कुछ ऐसे ही घरेलू उपाय है जिन्हें अपना कर आप इस समस्या से राहत पा सकते है . 


1-कई बार सफेद धब्बे बैक्टीरिया या फंगस के इंफेक्शन की वजह से भी हो जाते हैं. पानी और सेब के सिरके को दो-एक के अनुपात में मिला लें. इसे कुछ-कुछ देर में धब्बों पर लगाते रहिए. ऐसा करने से धब्बे जल्दी साफ हो जाएंगे.


2-पत्तागोभी के रस को सफेद धब्बों पर लगाने से बहुत फायदा होता है. आप चाहें तो पत्तागोभी को पीसकर उसके रस का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर उसे 15 मिनट तक उबालकर उसके पानी को प्रयोग में ला सकते हैं. 


3-प्रतिदिन खाने में अदरक का इस्तेमाल करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है. अदरक त्वचा संबंधी कई बीमारियों में कारगर है. आप चाहे तो अदरक का एक छोटा टुकड़ा काट लें और उसे पीसकर रस निकाल लें. इस रस को लाल मिट्टी के साथ मिलाकर लगाने से बहुत फायदा होगा.


4-शहद में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. शहद बहुत जल्दी त्वचा में अवशोषित हो जाता है. शहद को धब्बों पर लगाने से फायदा होगा लेकिन अगर आप इसे चंदन पाउडर, हल्दी, राइस पाउडर के साथ मिलाकर लगाते हैं तो ये और भी कारगर साबित होगा.


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पाए अनचाहे तिलों से छुटकारापाए अनचाहे तिलों से छुटकारा






शरीर पर तिल का भी कुछ अजीब ही हिसाब होता है, अगर एक-दो हो तो आपकी सुन्दरता मे चार चांद लगाते हैं, लेकिन कई हों या काफी बड़े हों तो आपके लिए परेशानी का सबब हो सकते हैं. आइये जानते हैं कि कैसे इनसे छुटकारा पाया जाए. 


कुछ घरेलू नुस्खे जो तिलों को दूर करने में सहायक होते हैं- 


1-सेब के सिरके का उपयोग कर तिल से मुक्ति पाई जा सकती है और वो भी बिना किसी निशान के. इसके लिए रूई के एक फोहे पर कुछ बूंद सेब साइडर सिरका डालें. अब इस फोहे को तरल के चारों तरफ लगाएं और पट्टी बांध दें. अब इसे लगभग एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें. ऐसा तब तक करें जब तक कि तिल खुद गिर या गायब नहीं हो जाता.


2-लहसुन की एक कली लें और इसे आधा काट लें. अब इस आधे कटे भाग को तिल पर रख कर बांध लें और रात भर बंधा रहने दें. कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को कुछ दिन दोहराने से चेहरे के तिल निकल जाते हैं.


3-स्ट्रॉबेरी को बीच से काटें और तिल पर लगाएं. कुछ दिनों तक इसे दोहराएं, तिल निकलने लगेंगे.


4-एक ताजा अंगूर लें और इसे निचोड़ कर रस निकालें. अब कई दिनों तक दिन में कई बार इस जूस को तिलों पर लगाएं. दो हफ्तों से एक महीने के भीतर तिल जाने लगते हैं.


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: नाख़ून पर भी होता है मौसम का असरनाख़ून पर भी होता है मौसम का असर






नाखून भी मानव शरीर का प्रमुख अंग है. महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने में नाखूनों की अहम भूमिका होती है. नाखूनों से जुड़ी सबसे बड़ी बात यह होती है कि ये व्यक्ति स्वास्थ्य की जानकारी इनके रंग के आधार पर हो सकती है. आइये जानते है नाखूनों से जुड़े तथ्यों के बारे में –


1-व्यक्ति के हाथ और पैरों के नाखूनों में अलग-अलग तरह की वृद्धि देखी जाती है. अंगुलियों की तुलना में पैरों के नाखून धीमी गति से बढ़ते हैं. अंगूठे के नाखून प्रतिमाह करीब 2 मिमी तक बढ़ते हैं. 


2-पुरुषों और महिलाओं के नाखूनों के बढ़ने की गति भी अलग-अलग होती है. पुरुषों की अंगुलियों की तुलना में महिलाओं के नाखूनों की गति धीमी होती है क्योंकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक हार्मोंस पाए जाते हैं.


3-नाखूनों का बढ़ना मौसम पर भी निर्भर करता है. नाखून के बढ़ने की गति गर्मी के मौसम अधिक तेज होती है क्योंकि शरीर द्वारा धूप का इस्तेमाल कर विटामिन डी बनाने से बढ़त तेज हो जाती है. जबकि अन्य मौसम में नाखूनों के बढ़ने की गति कम होती है.


4-यदि आपके नाखूनों के आस-पास की त्वचा सूख रही है. तो यह आपके शरीर में विटामिन सी, फोलिक एसिड और प्रोटीन की कमी को दर्शाता है. 


5-अगर आपके नाखूनों के बढ़ने की गति धीमी है तो यह बताता है कि आप प्रोटीन की कमी और विटामिन ए की कमी से जूझ रहे हैं. मानसिक अशांति, तनाव, प्रोटीन और जिंक की कमी भी नाखूनों की वृद्धि में बाधक हो सकती है.


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: करे अपने घुंघराले बालो की देखभालकरे अपने घुंघराले बालो की देखभाल






बालों को धोने से लेकर उन्हें संवारने तक की प्रक्रिया सभी के लिए अलग-अलग होती है. जिस तरह सीधे बाल वालों को लगता है कि घुंघराले बाल होना अच्छा है उसी तरह घुंघराले बाल वाले स्ट्रेट हेयर की ख्वाहिश रखते है. हालांकि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि घुंघराले बालों की देखभाल करना एक बेहद मुश्किल काम है. ऐसे बालों की देखभाल के लिए एक ओर जहां बहुत अधिक धैर्य की जरूरत होती है वहीं अगर कर्ल्स बहुत छोटे-छोटे हों तो मुसीबत दोगुनी हो जाती है.


1-घुंघराले बालों को साफ रखने का इसके सिवा दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है. ऐसे बालों को साफ रखना और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि गंदे होने पर इनके उलझने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि बालों के गंदा होने से पहले ही आप उन्हें धो लें.


2-ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि घुंघराले बाल ड्राई ही होते है .ऐसे में उनमे नियमित रूप से तेल लगाना बहुत ज़रूरी होता है ऐसे बालों में तेल लगाने के दौरान विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत होती है क्योंकि इनमें तेल आसानी से स्कैल्प तक पहुंच नहीं पाता है और बालों को पर्याप्त पोषण भी नहीं मिल पाता है. ऐसे में घुंघराले बालों को नियमित रूप से तेल मसाज देते रहें.


3-ऐसे बालों में बार-बार ब्रश करना सही नही है. स्ट्रेट बालों में तो आप बार-बार कंघी कर सकते हैं लेकिन घुंघराले बालों में बार-बार कंघी करना नुकसानदेह हो सकता है.


घुंघराले बालों की देखभाल के लिए बहुत जरूरी है कि आप शैंपू करने के बाद कंडिशनर का इस्तेमाल जरूर करें. इससे कर्ल्स आपस में कम उलझेंगे और नतीजन टूटेंगे भी कम.


थ्रेडिंग करवाने के कुछ खास स्टेप्स





: ओवर वेट हैं तो शर्मिंदगी कैसीओवर वेट हैं तो शर्मिंदगी कैसी






ओवर वेट लोग अक्सर अपना वजन कम करने के बारे में सोचते हैं लेकिन लोग क्या सोचेंगे बस यह सोचकर वो अपना फैंसला अक्सर बदल देते हैं. जब किसी अधिक वजन वाले व्यक्ति को जिम में या कहीं बाहर व्यायाम करना पड़े तो उनके लिए यह मुश्किलभरा मौका होता है। कई बार लोगों को अपने भारी-भरकम शरीर के साथ बाहर व्यायाम करने में शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्हें लगता है कि लोग उनका मजाक बनाएंगे।


अगर आप भी कुछ ऐसा करते हैं तो सबसे पहले यह सोचिये कि अपना वजन कम करने से फायदा आपको ही होने वाला हैं. अगर लोगों के बारे में हो सोचते रहेंगे तो फिर आप अपने बारे में कब सोचेंगे। जो ओवरवेट लोग जिम या बाहर एक्सरसाइज करने जाते हैं अब उन्हें घबराने कि जरुरत नहीं है. आपको देते हैं कुछ टिप्स जो आपमें कॉन्फिडेंस जगायेंगे। कपड़ों की फिटिंग जरूर बेहतर होनी चाहिए। ढीले-ढाले, बिना आकार वाले कपड़े खासकर इनर वियर एक्सरसाइज के दौरान सही सपोर्ट नहीं दे पाएंगे।


इसलिए इनर वियर चुनते समय खास ध्यान रखें जो आपकी बॉडी को हर प्रकार की एक्सरसाइज करते समय पूरा सपोर्ट करे. जंपिंग जैक्स, रस्सी कूदना और दौड़ लगाना अधिक वजन वाले लोगों को शुरुआत में घुटनों और हिप्स में दर्द पैदा कर सकते हैं। कम प्रभाव देने वाले स्टेप्स आपके घुटनों को प्रभावित किए बिना प्रभाव दिखाते हैं। ऐसे में वॉकिंग और स्वीमिंग सबसे बेहतर विकल्प हैं। यदि लंबे समय तक खड़े रहना आपके लिए संभव नहीं हो पा रहा हो तो आप बैठकर किए जाने वाले कुछ व्यायाम कर सकते हैं।


इसके लिए डम्बेल्स, रेसिस्टेंस बैंड्स का प्रयोग कर अपने आर्म्स, लेग्स की एक्सरसाइज करें। हल्की-फुलकी चोट या दर्द, जिनमें जोड़ों में दर्द भी शामिल है, उसका मतलब यह नहीं कि आपका सब छोड़कर बैठ जाना है। आपके शरीर को उसकी सीमा से अधिक कार्य करना पड़ेगा और अत्यधिक थकान हो सकती है। इसकी जगह धीरे-धीरे शुरुआत करें। तीन दिनों तक अपनी एक्टिविटी का स्तर सामान्य बनाए रखें। इसके बाद आगे की योजना बनाएं।


हेल्थी लाइफ स्टाइल को भी फॉलो करना है जरूरी





डायबिटीज़ से बचने का सिंपल फॉर्मूलाडायबिटीज़ से बचने का सिंपल फॉर्मूला






डायबिटीज़ वह सिचुएशन है जब शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि पैनिक्रयास इन्सूलिन नहीं बना पाता है। इस सिचुएशन का पूरा भार हमारे खान-पान पर होता है इसलिए हेल्दी डायट पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। अक्सर हम वक्त की कमी के कारण एक्सरसाइज़ न करना, ब्रेकफास्ट करना और अनहेल्दी फूड्स खाने जैसी ग़लतियां करते रहते हैं जो डायबिटीज़ जैसी बीमारियों को न चाहते हुए भी इनविटेशन दे ही देते हैं। आजकल छोटी उम्र में भी लोगों को यह बीमारी लग रही है. कुछ चीजों का ध्यान रख कर आप इस बिमारी से बच सकते हैं।


अपने शरीर से मेहनत करवाना बेहद जरूरी है. पुरी बॉडी की एक्सरसाइज़ नहीं होगी तब तक आप किसी ने किसी बिमारी को बुलावा देते रहेंगे। जिम नहीं जा सकते तो मवर्निंग वाक पर जाइये, आउटडोर स्पोर्ट्स के भी वही लाभ है, साइकिलिंग,डांसिंग नहुत सी ऐसी चीजे हैं जिस से आप फिट रहेंगे और डायबिटीज होने के ख़तरे को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। आप क्या और कितना खा रहे हैं इस बात का सीधा असर आपकी बॉडी पर दिखता है. घर पर अगर बेहद तला हुआ और मसालेदार भोजन कर रहे हैं तो यह भी बाहर का जंक फ़ूड खाने के बराबर ही है. अपनी डाइट को हमेशा स्ट्रिक्टली फ़ॉलो करने की आदत बनाये। सेहत को ध्यान में रखकर अपने खाने में अधिक सब्ज़ियां और फायदेमंद मसाले ऐड करें। हमेशा ताज़ी और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां ही अपने डायट में शामिल करें।


रोज एक फल ज़रूर खाना चाहिए जिसमें सेब, पपीता या अमरूद हो तो बेहतर होगा। केला और चीकू खाने से बचें क्योंकि इन फलों से खून में ग्लूकोज़ लेवल बढ़ने की संभावना रहती है। अपनी डायट में हमेशा ज़्याद फाइबरयुक्त चीज़ें शामिल करें। बेसन फाइबर की मात्रा न के बराबर होती है इसलिए बेसन से बनी चीजें खाना सेहत के नजरिये से अच्छा नहीं होता। खाने का चुनाव करते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें। युवा स्ट्रीट फूड काफी मात्रा में खाते हैं.ऐसी चीज़ें खाने से पहले हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि वह लो-फैट हो और ज्यादा फ्राई किए हुए न हो।प्रोसेस्ड फूड जैसे अचार, पापड़ और पकौड़ों से दूरी बरतें।


बच्चो को भी हो सकती है टाइप 2 डाइबिटीज़





ये है HIV के 5 सिम्पटम्स, कही आप भी इसके शिकार तो नहीं?ये है HIV के 5 सिम्पटम्स, कही आप भी इसके शिकार तो नहीं?






HIV एड्स दुनिया भर के देशो के लिए एक सबसे बड़ी परेशानी बन के उभरा है. इसका मुख्य कारण असुरक्षित यौन सम्बन्ध और दूषित खून पर इस्तेमाल की गयी सुई हो सकती है. यह एक गंभीर जानलेवा समस्या है. जिसकी समय रहते पहचान करना अति आवश्यक है.


इसी सिलसिले में आज हम आपको HIV सिम्पटम्स बताने जा रहे है. ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सके.


- वेसे तो बुखार आना काफी आम समस्या है. लेकिन अगर आपको लंबे समय तक बुखार है और काफी इलाज के बाद भी आपको आराम नहीं मिल पा रहा है तो आज ही HIV टेस्ट करवाए.


- HIV के चलते हमारे शरीर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. जिस वजह से हमे अत्यधिक थकान महसूस होने लगती है.


- HIV की वजह से हमारे श्री की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. जिस वजह से हमे सिरदर्द एवं गले में खराश का सामना करना पड़ता है.


- HIV संक्रमण के चलते हुमात्रि स्किन पर खुजली और धब्बे होने लगते है.


- HIV की वजह से पीड़ित के वजन में भारी गिरावट आती है. इसके साथ ही पीड़ित की भूख भी मारने लगती है.


आप भी घर पर कर सकते है HIV टेस्ट, जानिए कैसे


आपके हृदय का ध्यान रखेगा यह इलेक्ट्रॉनिक गैजेट













































क्या आपके पैर भी रहते है हर समय ठन्डे क्या आपके पैर भी रहते है हर समय ठन्डे Reviewed by Faadu Tech on 6:17 pm Rating: 5

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